मोहाली.
गमाडा की फेज-8 स्थित फूड कोर्ट साइट के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तिरूपति इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर जगमोहन गर्ग को गिरफ्तार करने के बाद सात दिन का रिमांड हासिल किया है।
जांच के केंद्र में 1.13 एकड़ की वह साइट है, जिसे वर्ष 2015 में रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को 32.50 करोड़ रुपये में आवंटित किया गया था। आरोप है कि निर्माण नहीं करने पर लगने वाले खर्च, जुर्माने और ब्याज समेत करीब 57 करोड़ रुपये की देनदारी में कंपनी को कथित तौर पर छूट दी गई।
छूट देने की प्रक्रिया की जांच
ईडी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इतनी बड़ी वित्तीय राहत किस आधार पर दी गई और इसे मंजूरी देने में किन अधिकारियों की भूमिका रही। एजेंसी आवंटन से जुड़े दस्तावेजों, सरकारी फैसलों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पंजाब सरकार ने कथित छूट रद्द कर बकाया राशि दोबारा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं कराने पर साइट का आवंटन रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
238 करोड़ के बैंक घोटाले की भी पड़ताल
जांच केवल फूड कोर्ट साइट तक सीमित नहीं है। ईडी तिरूपति इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटरों से जुड़े कथित 238 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। पिछले महीने एजेंसी ने दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर तलाशी और सर्वेक्षण किया था। इस दौरान संबंधित कंपनियों और सरकारी कार्यालयों के रिकॉर्ड खंगाले गए। रिमांड के दौरान जगमोहन गर्ग से साइट आवंटन, कथित वित्तीय राहत और बैंक लेनदेन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसी इन मामलों के बीच संभावित संबंधों का पता लगाने में जुटी है।