नई दिल्ली
आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लिए। जहां बाकी गेंदबाज कूट रहे थे, वहां भुवी की इकोनॉमी 8 से भी कम की थी। आरसीबी को बैक टू बैक खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई। 2025 सीजन में भी 17 विकेट लिए थे। इसके बाद उनके टीम इंडिया में फिर से शामिल करने की मांग उठने लगी। आखिरकार चयनकर्ताओं ने न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें टीम में जगह दी। उससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टी20 में भी मौका मिला लेकिन बारिश की वजह से भारत की बॉलिंग ही नहीं आई।
4 पारियों में भुवनेश्वर को एक विकेट
भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड में 5 मैचों में से 4 खेलने का मौका मिला। इसमें उन्होंने 16 ओवर बॉलिंग की। पहले मैच में 49, दूसरे में 50, तीसरे में 40 और आखिरी में 41 रन दिए। इस दौरान सिर्फ दूसरे मुकाबले में वह एक विकेट ले पाए। यानी 16 ओवर में उन्होंने 180 रन देकर एक बल्लेबाज को आउट किया। इस दौरान उन्होंने प्रति ओवर 11 से ज्यादा रन खर्च किए। वह पूरी सीरीज के दौरान बल्लेबाजों को परेशान करने में भी असफल रहे।
न्यूजीलैंड दौरे पर भारत के प्रमुख गेंदबाजों का प्रदर्शन
गेंदबाज मैच ओवर विकेट इकॉनमी औसत स्ट्राइक रेट
अर्शदीप सिंह 5 20 6 9.45 31.5 20
अक्षर पटेल 4 15 3 10.53 52.67 30
प्रिंस यादव 4 15 2 10.53 79 45
मयंक यादव 2 8 4 11 22 12
वरुण चक्रवर्ती 1 4 1 11.25 45 24
भुवनेश्वर कुमार 4 16 1 11.25 180 96
नीतीश कुमार रेड्डी 5 17 4 11.29 48 25.5
अजीत अगरकर के हटने के बाद मौका
अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते भुवनेश्वर कुमार को टीम में जगह नहीं मिल रही थी। उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता बने। इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चुनी गई थी और उसमें भुवनेश्वर को शामिल किया गया। 36 साल के भुवी ने 2022 में भारत के लिए साउथ अफ्रीका में अपना आखिरी वनडे खेला था। 2018 से वह टेस्ट टीम से बाहर हैं तो 2022 टी20 विश्व कप के बाद न्यूजीलैंड में अपना आखिरी टी20 खेला था।
मेरी राय में चयनकर्ताओं से कहां गलती हुई? उन्होंने इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार को खिलाकर गलती की। देखिए, इसमें कोई शक नहीं कि भुवनेश्वर एक अच्छे गेंदबाज और सीनियर खिलाड़ी हैं। लेकिन, ऐसे समय में जब टी20 वर्ल्ड कप अभी काफी दूर है, उन्हें टीम में शामिल करना समझ से परे था। अगर आप भुवनेश्वर को 50 ओवर वाले वर्ल्ड कप के लिए तैयार कर रहे होते, जो कि ज्यादा करीब है तो यह बात समझ में आती।
भुवनेश्वर कुमार की गति काफी कम रही
भुवनेश्वर कुमार कुमार की गति सीरीज के दौरान 130 किमी प्रति घंटे से कम की रही। ऐसे स्पीड से आज की टी20 क्रिकेट में बचना काफी मुश्किल है। तेज गेंदबाज के पास धीमी गति की बॉल का विकल्प होता है। लेकिन अगर तेज गेंद ही 130 किमी से कम की हो तो स्लोअर का कुछ खास असर नहीं बचता है।